अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव , क्या रूस एक बार फिर दखल दे रहा है ?

क्या रूस एक बार फिर से राष्ट्रपति चुनावों में डॉनल्ड ट्रम्प की मदद करने जा रहा है ? एसा लगता है एक बार फिर से रूस की दखलंदाजी का जिन्न बोतल से बाहर आ गया है.

प्रमुख अमेरिकी न्यूज़ स्रोतों की खबर में एक अमरीकी ख़ुफ़िया अधिकारी के हवाले से यह बताया गया है कि रूस ट्रम्प की आगामी चुनावों में मदद कर सकता है. ख़ुफ़िया अधिकारियों के अनुसार रूस न केवल ट्रम्प की मदद कर रहा है बल्कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता को भी दुनिया के सामने एक संदेहास्पद व्यवस्था के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहा है.

Source PixaBay

खबर के मुताबिक़ इंटेलिजेंस अधिकारियों ने अमेरिकी सांसदों को बंद कमरे में दी गई एक ब्रीफिंग में बताया है कि रूस एक बार फिर राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को निर्वाचित करवाने के लिए अमेरिका के चुनाव अभियान में छेड़ छड़ कर रहा है.

डॉनल्ड ट्रम्प इस चेतावनी से ख़ासे नाराज़ बताए जा रहे हैं . ट्रम्प का कहना है कि इस तरह की खबरें उनके चुनाव अभियान को कमजोर कर सकती हैं और उनके डेमोक्रेटिक विरोधियों को उन पर हमला करने का मौक़ा दे सकती हैं.

साल 2016 के राष्ट्रपति चुनावों में भी इस तरह के आरोप लगे थे. एसा कहा गया था कि रूस ने ट्रम्प की लोकप्रियता बढ़ाने और उनकी प्रतिद्वंदी हिलेरी क्लिंटन को कमजोर साबित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी. इस ख़ुफ़िया अभियान में रूस ने कई तरीक़ों का इस्तेमाल किया था जिनमे इंटरनेट और सोशल मीडिया प्रमुख हैं.

अमेरिका ने इस आरोप की जाँच करने के लिए एक समिति गठित की थी जिसने अपनी रिपोर्ट, में कई ऐसे आरोपों की पुष्टि की है. इस रिपोर्ट को मुलर रिपोर्ट के नाम से जाना जाता है. इस रिपोर्ट के मुताबिक़ रूस ने फ़ेसबुक, ट्विटर और रेडिट जैसे सोशल मीडिया संसाधनों में ट्रम्प समर्थक ट्रोल्ज़ चलाए जिन्होंने ट्रम्प की छवि उभारने और उनके प्रतिद्वंदियों की छवि धूमिल करने में बड़ी भूमिका निभायी. यही नहीं ट्रम्प को फ़ायदा पहुँचाने के लिए बड़े पैमाने पर फ़ेक न्यूज़ का भी इस्तेमाल किया गया. मुलर रिपोर्ट के मुताबिक़ रूस ने डेमोक्रेटिक नेताओं के ईमेल अकाउंट भी हैक करने की कोशिश की.

हालाँकि ट्रंप ने 2016 के चुनावों में रूस के दखल के बारे में एजेंसियों के इस आकलन को हमेशाएक साजिश बताया. ट्रंप का मानना है कि इससे उनकी जीत कमजोर हुई.