इज़राइल में राजनैतिक गतिरोध, बहुमत से तीसरी बार भी चूके बेंजामिन नेतन्याहू

इज़राइल में हुए संसदीय चुनावों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक बार फिर बहुमत से चूक गए हैं. इसकी वजह से इज़राइल में एक बार फिर से राजनैतिक असमंजस की स्थिति बन गई है. इससे पहले हुए दो चुनावों में भी बेंजामिन को बहुमत नहीं मिल पाया था.

इजरायल की संसद में 120 सीटें हैं और संसद में किसी भी पार्टी या गठबंधन को बहुमत के लिए 60 सीटों की जरूरत पड़ती है. हाल के चुनावो में नेतन्याहु की लिकुड पार्टी को 36, विरोधी ब्लैक एंड व्हाइट पार्टी को 33 सीटें मिली हैं. गठबंधन का साथ मिलाकर बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी 58 तक ही पहुंच पा रही है.

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इससे पहले अप्रैल, सितंबर में पीएम पद के लिए चुनाव हुआ था, लेकिन कोई भी पार्टी बहुमत हासिल नहीं कर पाई. बेंजामिन नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हुए हैं. नेतन्याहू इसराइल में दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी लिकुड पार्टी के नेता हैं. वे अपनी पार्टी के राष्ट्रवाद के स्टैंड पर कायम रहते हैं. इसलिए जब उन पर भ्रष्टाचार के आरोप आधिकारिक रूप से सामने आए, तो उन्होंने इसे उन्हें और सरकार को अस्थिर करने की साजिश का नाम दिया.

वर्तमान संकट को देखते हुए यदि कोई पार्टी सरकार नहीं बना पाती है तो ऐसे में पुनः चुनाव होने की सम्भावना है.