बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ़्ट को अलविदा कहा, निदेशक मण्डल से भी बाहर होंगे

माइक्रोसॉफ़्ट के सह संस्थापक बिल गेट्स कम्पनी के बोर्ड से भी विदाई ले रहे हैं. इससे पहले साल 2008 में उन्होंने कम्पनी के रोज़मर्रा के कामकाज से छुट्टी ले ली थी. गेट्स का बोर्ड से विदा लेने का अर्थ यह है कि वे अब कम्पनी की नीतियों और अहम फ़ैसलों का हिस्सा नहीं होंगे. हालाँकि वे कम्पनी के नेतृत्व को परामर्श देते रहेंगे.

गेट्स ने माइक्रोसॉफ़्ट को अलविदा कहा है ताकि वे अपने दान और जनसेवा के कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकें. माइक्रोसॉफ्ट की ओर से जानकारी दी गई है कि वह वैश्विक स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए अपना योगदान देना चाहते हैं. गेट्स ने अपनी सम्पति का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक कार्यों में दान के लिए दे दिया है.

साल 1975 में बिल गेट ने अपने बचपन के दोस्त पाल एलन के साथ विश्व की सबसे बड़ी साफ्टवेयर कम्पनी की माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना की थी. विश्व में पर्सनल कम्प्यूटिंग की दुनिया में माइक्रोसोफ्ट एक अग्रणी नाम है. माइक्रोसॉफ्ट का विंडोज़ आपरेटिंग सिस्टम, आफिस सॉफ़्टवेयर और अज़ुर क्लाउड कम्पनी के मुख्य उत्पाद हैं.

साल 2000 में गेट्स ने कम्पनी का सीईओं का पद छोड़ दिया था. उसके बाद से ही गेट्स कम्पनी के निदेशक मण्डल में शामिल थे. इसी साल गेट्स ने अपनी पत्नी मिलेंडा गेट्स के साथ मिलकर पाँच बिलियन डालर के साथ ‘बिल एंड मिलेंडा गेट्स फ़ाउंडेशन’ की स्थापना की. यह फ़ाउंडेशन स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कारु करती है.

64 वर्षीय बिल गेट्स की कुल सम्पत्ति 112 अरब डालर की है. वे विश्व के दूसरे सबसे धनी व्यक्ति हैं. पहले स्थान पर आनलाइन रिटेल कम्पनी अमेजन के संस्थापक जेफ़ बेजल हैं.