वेनेज़ुएला ने अमेरिका पर लगाया तख़्ता पलट का आरोप लगाया, दो अमेरिकी किए गिरफ़्तार

वेनेज़ुएला ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि अमेरिका ने वेनेज़ुएला में तख्ता पलट की साज़िश रची थी. वेनेजुएला में गिरफ्तार किए गए दो अमेरिकी नागरिकों में से एक ने वहां की सरकारी टीवी में स्वीकार किया है कि वह राष्ट्रपति मादुरो का अपहरण करने आया था. उसने कहा है कि वह वेनेज़ुएला में तख्ता पलट करने के उद्देश्य से आया था. वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पहले भी अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प पर तख्तापलट की कोशिश करने का आरोप लगाते रहे हैं. हालांकि, इसी हफ्ते अमेरिका ने हालिया घटनाक्रमों में किसी भी तरह की भूमिका होने से इनकार किया है.

ताज़ा जानकारी के अनुसार ल्यूक डेनमैन नाम के इस शख्स को एक और साथी आइरन बेरी के साथ गिरफ्तार किया गया है. ये दोनों पर आरोप है ये मछली पकड़ने वाली नौकाओं से वेनेज़ुएला में प्रवेश कर रहे थे. वेनेज़ुएला की सेना ने कहा है कि दोनों अमेरिकी सेना के जवान हैं. अमेरिकी मीडिया का भी कहना है कि दोनों अमेरिका के पूर्व सैनिक हैं लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है.

वेनेजुएला की वर्तमान सरकार और अमेरिका के बीच लंबे वक्त से टकराव की स्थिति बनी हुई है. अमेरिका ने वेनेजुएला की सरकार पर दबाव बनाने के लिए तमाम तरह के आर्थिक प्रतिबंध भी लागू कर रखे हैं. इन आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से उसकी अर्थव्यवस्था की हालत भी खराब है. राष्ट्रपति ट्रंप ने पहली बार सार्वजनिक रूप से 2017 में वेनेज़ुएला के लिए “एक सैन्य विकल्प” का विचार भी रखा था.

पिछले साल वेनेज़ुएला में हुए राजनैतिक संकट में भी अमेरिका ने अमेरिका ने खुल कर वर्तमान राष्ट्रपति मादुरो के विरोधियों का साथ दिया था. वेनेज़ुएला में हुए राष्ट्रपति चुनावों में प्रमुख विपक्षी नेता ख़ुआन गोइदो ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर धांधली का आरोप लगाया और ख़ुद को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया. गोइदो की घोषणा के बाद उन्हें अमरीका, कनाडा और ताकतवर पड़ोसी देशों जैसे ब्राज़ील, कोलंबिया और अर्जेंटीना से समर्थन मिल गया वहीं रूस और चीन जैसे देश मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के पक्ष में खड़े हो गए.

इसके बाद देश में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के इस्तीफ़े की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन होने लगे. हालाँकि मादुरो अपने विरोधियों को दबाने में कामयाब रहे.

मादुरो कि मत है कि अमेरिका ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि वह देश के तेल भंडार को नियंत्रित कर सके.ग़ौरतलब है कि वेनेज़ुएला में दुनिया का सबसे विशाल तेल भंडार है.