रूस का ने किया कोरोना की वैक्सीन बनाने का दावा, पुतिन की बेटी को लगाया टीका, पश्चिमी देशों ने किया ख़ारिज

रूस ने दावा किया है कि उसने कोरोना की वैक्‍सीन बना ली है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin)  ने इसका ऐलान किया. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी को भी यह टीका लगाया गया है और वह अच्छा महसूस कर रही है. पुतिन ने कहा कि उनकी बेटी ने इसका टीका लिया है, पहले उसका बुखार 38 डिग्री था, टीके के बाद ये बढ़ा लेकिन बाद में काबू में आने लगा. इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों को टीका लगने के बाद कोरोना का कोई लक्षण नहीं है.

रूस ने इस वैक्सीन का नाम स्पुतनिक-5 (Sputnik V) रखा है कि जो उसके एक उपग्रह का भी नाम है. मॉस्‍को के गामलेया रिसर्च इंस्टिट्यूट ने एडेनोवायरस को बेस बनाकर यह वैक्‍सीन तैयार की है. रिपोर्ट्स के अनुसार इस वैक्सीन को लगाने पर शुरू में इम्मयूनिटी बढ़ने से बुखार आएगा लेकिन पेरासिटामोल लेने के बाद यह ठीक हो जायेगा.

scientist in laboratory

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पुतिन ने कहा कि वैक्‍सीन सारे जरूरी टेस्‍ट से गुजरी है. दावा किया गया है कि इस टीके का इंसानों पर दो महीने तक परीक्षण किया गया और ये सभी सुरक्षा मानकों पर खरा उतरा है. अब यह वैक्‍सीन बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए भेजी जाएगी. रूस ने कहा है कि वह अक्‍टूबर से देशभर में टीका लगाने की शुरुआत कर सकता है.

रूस के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मिखाइल मुराशको के मुताबिक, इसी महीने से हेल्‍थ वर्कर्स को वैक्‍सीन देने की शुरुआत हो सकती है. रूस में सबसे पहले फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर्स को कोरोना का टीका लगाया जाएगा.

क्या है अन्य देशों की प्रतिक्रिया
अन्य देशों और WHO ने इस वैक्‍सीन पर अच्छी प्रतिक्रिया नहीं दी है. रूस ने वैक्‍सीन लॉन्‍च करने में जो ‘जल्‍दबाजी’ दिखाई है उसको लेकर लोग सन्देह कर रहे हैं. ब्रिटेन ने कहा है कि वो इस वैक्सीन का इस्तेमाल नहीं करेंगे. वहीं अमेरिका के जाने माने चिकित्सक और संक्रामक रोगों के एक्सपर्ट डॉक्टर एंथनी फाउची भी रूस की वैक्सीन पर शुरू से ही सवाल उठाते रहे हैं. पिछले दिनों अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों ने अपने यहाँ से रुसी हैकरों पर वैक्सीन पर हो रही रिसर्च को चुराने का आरोप भी लगाया था. इससे पहले भी रूस ने “इबोला” की वैक्सीन बनाने का दावा किया था लेकिन उस वैक्सीन को WHO से अनुमति नहीं मिली थी.

भारत में भी कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने पर काम जारी है, कई जगह देश में ह्यूमन ट्रायल शुरू भी हो गया है. रूस के वैक्सीन पर भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि वैक्सीन खरीदने और उसे उचित जगह भेजने का फैसला वैक्सीन पर केंद्र द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी करेगी.