हमास और इज़रायल के बीच संघर्ष विराम, गाज़ा पर नहीं होंगे हमले

हमास और इज़रायल के बीच युद्ध विराम पर सहमति हो गई है. बीते कुछ दिनों से इज़रायल और हमास के बीच सशस्त्र संघर्ष चला आ रहा था, इस संघर्ष विराम के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि इज़रायल अपने कब्ज़े वाले फिलिस्तीनी इलाकों में लगाई गई पाबंदियों में नरम रुख अपनाएगा और बदले में हमास इज़रायल पर हमले नहीं करेगा. हमास और इज़रायल के बीच यह समझौता कतर और मिस्र ने कराया है, जिस पर दोनों ही पक्ष सहमत हैं.

इज़रायल ने इस समझौते को लेकर कहा है कि हमास जब तक इस समझौते का पालन करेगा, इज़रायल भी इस समझौते के पालन को प्रतिबद्ध रहेगा. वहीँ हमास का कहना है कि इज़रायल को गाजा पट्टी में नाकेबंदी कम कर देनी चाहिए जिससे फिलिस्तीनियों की स्थिति में सुधार हो सके और साथ ही साथ कोरोना वायरस से उपजे संकट को भी कुछ हद तक काबू में लाया जा सके. इसके अलावा हमास गाजा के इंडस्ट्रियल एरिया को भी बढ़ाना चाहता है.

पिछले कुछ दिनों से हमास और इज़रायल के बीच घमासान संघर्ष चल रहा है. हमास की ओर से गुब्बारे, प्लास्टिक के थैले या फिर कंडोम के साथ विस्फोटक और क्रूड आयल को जोड़ हमले किए जा रहे थे, जिस वजह से इज़रायल में कम से कम 400 आगजनी की घटनाएं हुई थीं और बड़े पैमाने पर खेत जलकर खाक हो गए. बदले में इज़रायल ने हमास पर मिसाइल से हमले किये और इज़रायल द्वारा टैंक से दागे गए गोलों ने दक्षिणी गाजा में हमास की “सैन्य चौकियों” को निशाना बनाया. साथ ही इज़रायल ने गाज़ा में प्रतिबंधों को बढ़ा दिया था और गाज़ा के एकमात्र व्यावसायिक चौराहे को बंद कर दिया था. इस वजह से ईंधनों के अभाव के कारण उसका एकमात्र पावर स्टेशन बंद हो गया और गाजा निवासियों को एक दिन में सिर्फ चार घंटे तक बिजली मिल रही थी.

कौन है हमास

साल 1987 में मुस्लिम भाईचारे की मांग हेतु फिलिस्तीन में ‘हमास’ नाम से एक हिंसक संगठन का गठन किया गया. उसके बाद से ये फ़लस्तीनी क्षेत्रों से इसराइली सेना को हटाने के लिए संघर्ष चला रहा है. हमास इसराइल को मान्यता नहीं देता और यह पूरे फ़लस्तीनी क्षेत्र में इस्लामी राष्ट्र की स्थापना करना चाहता है. अब गाजा पर हमास का भी अधिकार है. साल 2007 से ही दोनों पक्षों में लड़ाई जारी थी और इज़रायल ने पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी थी.