पाकिस्तान में नवाज़ शरीफ़ के छोटे भाई और विपक्ष के नेता भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ़्तार

पाकिस्तान में विपक्ष के नेता और संसद में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के अध्यक्ष शाहबाज़ शरीफ़ को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ़्तार कर लिया गया है. लाहौर हाई कोर्ट ने मनी लौंड्रिंग के एक मामले में उनकी ज़मानत ख़ारिज कर दी जिसके बाद उन्हें सीधे कोर्ट से गिरफ़्तार कर लिया गया.

शाहबाज़ शरीफ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष हैं और तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे नवाज़ शरीफ के छोटे भाई हैं. उन्हें लाहौर हाई कोर्ट के जिस परिसर से हिरासत में लिया गया था वहाँ बड़ी संख्या में पीएमएल-एन के कार्यकर्ता मौजूद थे. अपनी गिरफ्तारी से पहले, शहबाज ने मीडिया को बताया कि उनकी गिरफ़्तारी एक राजनैतिक साज़िश है और प्रधानमंत्री खान उन्हें गिरफ्तार करना चाहते थे.

उनकी गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए, पीएमएल-एन की प्रवक्ता मरयम नवाज ने कहा कि शाहबाज़ को केवल इसलिए गिरफ्तार किया गया है क्योंकि उन्होंने अपने बड़े भाई नवाज़ शरीफ़ का साथ नहीं छोड़ा था. एक हफ्ते पहले एक बहुदलीय सम्मेलन में नवाज शरीफ ने एक वीडियो कोनफ़्रेंसिंग के ज़रिए यह आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार में सेना की भागीदारी है. इसके बाद से ही विपक्ष अपने ऊपर कार्यवाही करने की आशंका जता रहा था.

पाकिस्तान में सेना राजनीतिक रूप से शक्तिशाली है और उसने पाकिस्तान बनने के बाद आधे से अधिक समय तक पाकिस्तान पर शासन किया है.

इमरान खान सरकार ने पिछले सप्ताह 2008 से 2018 तक पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने वाले 69 वर्षीय शाहबाज़ और उनके परिवार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था. पाकिस्तान की भ्रष्टाचार रोधी संस्था जिसे राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) कहा जाता है इस मामले की जाँच कर रही है. पाकिस्तान सरकार का आरोप है कि शहबाज और उनके बेटे – हमजा और सलमान – फर्जी खातों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थे.

इससे पहले साल 2017 में शाहबाज़ के बड़े भाई तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को देश की सर्वोच्च अदालत ने अपनी सम्पति का ब्योरा छुपाने पर प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था जिसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. इसके बाद उन पर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था.