पाकिस्तान में इमरान खान और सेना के गठजोड़ के ख़िलाफ़ सड़क पर उतरा विपक्ष

पाकिस्तान में विपक्षी दलों के गठबंधन ने देशभर में प्रधानमंत्री इमरान खान के विरोध में प्रदर्शन आयोजित किए हैं. इस गठबंधन को पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) कहा गया है जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग और बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपल्स पार्टी सहित कुछ अन्य पार्टियाँ भी शामिल हैं.

विपक्षी दल इमरान खान पर आर्थिक मोर्चों पर विफल होने के साथ साथ सेना की कठपुतली होने का भी आरोप लगा रहे हैं. ख़ासतौर से नवाज़ शरीफ़ ने तो खुल कर आरोप लगाया है कि उनकी सरकार को हटाने और इमरान खान को प्रधानमंत्री बनाने के पीछे देश की सेना का हाथ था. इमरान खान को सत्ता में लाने के लिए 2018 के चुनाव में हुए कथित फर्जीवाड़े पर पाकिस्तान की दोनों प्रमुख विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. वहीं सेना ने इन आरोपों का जवाब दिया है. पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कहा है कि सेना की सभी कार्रवाई संविधान के दायरे में थी.

पाकिस्तान के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि वहां के दो प्रमुख विपक्षी दल खुलकर सेना के खिलाफ बोल रहे हैं. इससे पहले पाकिस्तान के राजनीतिक दल सेना के ख़िलाफ़ सीधे सीधे बोलने से बचते रहे हैं. इससे पहले सितम्बर में नवाज़ शरीफ़ ने अपनी पार्टी के एक सम्मेलन में इमरान खान की सरकार पर सेना के प्रभाव का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार में सेना की भागीदारी है. नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान में “स्टेट के ऊपर भी एक स्टेट” है, उनका इशारा सेना की तरफ़ था. उन्होंने कहा कि वर्दी पहन कर राजनीति में हस्तक्षेप देश के संविधान के तहत देशद्रोह के बराबर है.

इमरान खान पर विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि वे पाकिस्तान की भ्रष्टाचार रोधी संस्था जिसे राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) कहा जाता है, का अपने विरोधियों के ऊपर ग़लत इस्तेमाल कर उन्हें जेल भेज रहे हैं. इससे पहले साल 2017 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को देश की सर्वोच्च अदालत ने अपनी सम्पति का ब्योरा छुपाने पर प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था जिसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. इसके बाद उन पर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था. शरीफ़ का आरोप है कि सेना की शह पर उन्हें निशाना बनाया गया.

उधर इमरान खान ने कहा है कि शरीफ़ सेना और आईएसआई का अपमान कर बहुत खतरनाक खेल खेल रहे हैं. पाकिस्तान के अस्तित्व में आने के 70 सालों में से आधे समय से ज्यादा वहां शक्तिशाली सेना का शासन रहा है और सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े मामलों में उसे काफी अहमियत हासिल है.