बेलारूस में विपक्ष ने दिया देशव्यापी हड़ताल का अल्टीमेटम, प्रदर्शनकारियों पर भारी बल का प्रयोग

बेलारूस में राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशंको के विरोध में चल रहे प्रदर्शन और व्यापक हुए हैं. विपक्ष ने सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है कि आज रात तक इस्तीफ़ा दे दें वरना देशव्यापी हड़ताल शुरू हो जाएगी. लुकाशेंको ने संकेत दिया है कि वह अल्टीमेटम की अनदेखी करेंगे.बेलारूसी पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बेहोश करने वाले ग्रेनेड का इस्तेमाल किया है. राजधानी मिन्स्क में लुकाशेंको के इस्तीफे की मांग करते हुए 100,000 से अधिक लोग मार्च कर रहे थे जिन पर इन ग्रेनेड का इस्तेमाल हुआ है. राष्ट्रपति चुनावों में धांधली के आरोपों के बाद बेलारूस में पिछले 11 हफ़्तों से प्रदर्शन जारी हैं.

लुकाशेंको को इस बार 26 वर्षों में सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन चुनाव में उन्हें 80 प्रतिशत से अधिक वोट प्राप्त हुए. विपक्षी समर्थकों ने कहा कि उनका मानना है कि चुनाव के परिणामों में धांधली की गई है. बिगड़ते माहौल और कार्रवाई के डर से राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली विपक्ष की नेता स्वेतलाना तिखानोव्सना देश छोड़कर लिथुआनिया चली गई थीं. उनको बेलारूस में रहने पर बदले की कार्रवाई का डर सता रहा था.लुकाशेंको का शासन 1994 में शुरू हुआ था और इस जीत के बाद अब वह 2025 तक सत्ता में रहेंगे.

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क्या है विवाद

बेलारूस ( जिसका शाब्दिक अर्थ है सफ़ेद रूसी ) सोवियत संघ का एक सदस्य था. 25 अगस्त, 1991 को बेलारूस सोवियत संघ से आज़ाद हुआ. इसके बाद बेलारूस ने अपना नया संविधान बनाया. 1994 में आए संविधान में राष्ट्रपति शासन प्रणाली अपनाई गई. इसी व्यवस्था के तहत जून 1994 को बेलारूस में हुआ पहला राष्ट्रपति चुनाव और

अलेग्ज़ेंडर लुकाशेंको राष्ट्रपति चुने गए.तब से आज तक वे ही सत्ता पर क़ाबिज़ हैं. इस बीच बेलारूस में राष्ट्रपति चुनाव होते रहे मगर हर बार अलेग्ज़ेंडर लुकाशेंको ही चुनकर आए. उन पर तानाशाह होने और चुनाव में गड़बड़ी करने के आरोप लगते रहे हैं.

अलेग्ज़ेंडर लुकाशेंको साल 1994 से सत्ता में हैं जबकि मुख्य विपक्षी उम्मीदवार स्वेतलाना तिखानोव्सना एक 37 वर्षीय महिला हैं जिनके पति सरहेई तसिख़ानोउस्की राष्ट्रपति की नीतियों का विरोध करने की वजह से जेल में हैं. पति को गिरफ़्तार किये जाने स्वेतलाना ने अपने पति की जगह राजनीति में क़दम रखा.स्वेतलाना एक शिक्षिका रह चुकी हैं और एक बच्चे की माँ हैं.

अलेग्ज़ेंडर लुकाशेंको विरोधियों के प्रति अपने कठोर व्यवहार के लिए जाने जाते हैं. लेकिन पिछले कुछ समय से पूरे देश में उनके ख़िलाफ़ विरोध चल रहा है. इसके कई कारण हैं – उनका तानाशाही रवैया, कोरोना को लेकर उनकी लापरवाही और बेतुके बयान. मसलन लुकाशेंको ने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए देशवासियों को वोदका पीने ,सोना बाथ (गर्म पानी से स्नान), ट्रैक्टर चलाने और बकरियों के साथ खेलने की सलाह दी जिसका दुनिया भर में मज़ाक़ उड़ाया गया. बाद में उन्होंने यह भी कहा कि वह लोगों को कोरोना की मौत की जानकारी इसलिए नहीं दे रहे है कि कहीं लोग इसे लेकर भयभीत न हो जाएँ.