रूस हुआ परमाणु हथियार संधि से बाहर, अमेरिका बोला बड़ी गलती

रूस ने कहा है कि वो अमेरिका के साथ अहम परमाणु हथियार समझौते को निलंबित कर रहा है. इस संधि का नाम “न्यू स्टार्ट” है और इसमें एक दूसरे के परमाणु हथियारों की अधिकतम सीमा तय करने और परमाणु संयंत्रों की जाँच करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं.

रूस के राष्ट्रपति वादिमीर पुतिन ने कहा है कि अगर अमेरिका ने परमाणु हथियारों का परीक्षण किया तो वह भी ऐसा करने के लिए तैयार है और अगर ऐसा हुआ तो शीत युद्ध के बाद से परमाणु हथियारों के परीक्षण पर लगा वैश्विक प्रतिबंध का अंत हो जाएगा. पुतिन का ये बयान अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के यूक्रेन दौरे के बाद आया है. अपने इस अति गोपनीय दौरे में राष्‍ट्रपति बाइडेन ने यूक्रेन को 50 करोड़ डॉलर लागत के सैन्‍य साजो सामान देने का वायदा किया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने न्यू स्टार्ट परमाणु हथियार संधि को निलंबित करने के रूस के फैसले को एक बड़ी गलती बताया है.

क्या है न्यू स्टार्ट संधि

2010 में दो तत्कालीन राष्ट्रपतियों – अमेरिका के बराक ओबामा और रूस के दिमित्री मेदवेदेव ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए थे. न्यू स्टार्ट संधि को परमाणु युद्ध को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया था. यह संधि परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित करती है. इसके अनुसार दोनों देश एक दूसरे के परमाणु कार्यक्रमों का भी निरीक्षण कर सकते हैं.

यह संधि 2011 में लागू हुई थी और 10 साल बाद इसे बढ़ा दिया गया था – हालांकि कोविड महामारी के कारण हथियारों का निरीक्षण बाधित हो गया था. संधि के अनुसार प्रत्येक देश 1,550 लंबी दूरी के परमाणु हथियार ही रख सकते हैं.